शक- जिसका ईलाज किसी भी चिकित्सक के पास नहीं

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एक ऎसी बीमारी है शक जिसका ईलाज किसी भी चिकित्सक के पास नहीं है। आपसी समझ और भरोसे के सहारे गृहस्थी की गाडी चलती है। पत्नी बिना बात के पति पर शक करने लग जाए तो घर का माहौल बिगड जाता है। पत्नी का संदिग्ध नजरिया पति का जीना दुश्वार कर देता है और नौबत तलाक तक पहुंच जाती है। अपने पति के प्रति पत्नियों का पजेसिव होना इसका एक कारण है। वह चाहती है कि उसका पति सिर्फ उसी की तरफ देखे और उसी से बात करे। किसी और से उसके पति का बात करना उसे बिल्कुल पसंद नहीं होता। पत्नी भय रहता है कि पति कहीं किसी और स्त्री के प्रति आकर्षित न हो जाए। कई बार अपने पति पर विश्वास न करके वह अपने रिश्तेदारों की बातों पर ज्यादा विश्वास करने लगती है और परिवार में बिना बात झगडे का माहौल हो जाता है।  इसलिए शक न लाएं क्योंकि अगर यह एक बार आ जाता है तो पूरी जिंदगी लग जाती है टूटी कडी जोडने में । इसलिए जरूरी है कि विश्वास की नींव हिलने न दें।

 

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